कवर्धा का महल – इतिहास का प्रतीक

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कवर्धा का महल  कारीगरों की निपुणता, शिल्प कौशल और घाघ कौशल को दर्शाता है।

महल के प्रवेश द्वार का नाम हाथी दरवाज़ा है, जो बहुत सुन्दर है।

कवर्धा के महल के दरबार के गुम्बद पर सोने और चांदी से नक़्क़ाशी की गई है।

महल का निर्माण महाराजा धर्मराज सिंह ने 1936-39 ई. में कराया था और यह 11 एकड़ में फैला हुआ है।

इसके निर्माण में इटैलियन मार्बल और सफ़ेद संगमरमर का उपयोग किया है।

इसे कवर्धा के शाही परिवारों के अंतर्गत रखा गया है और अब यह एक अतिथि गृह रूप में उपयोग किए जाने लगा है।




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