Amiritdhara waterfalls

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अमृतधारा झरना छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में हसदेव नदी पर स्थित है। इस झरने की ऊंचाई करीब 90 फीट है और छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े झरनों में से एक है। झरने के पास ही शिव मंदिर स्थित है, इसी कारण इस झरने को बेहद शुभ माना जाता है, शिवरात्रि के मौके पर यहां हर वर्ष मेला भी आयोजित किया जाता है। जिसमे भारी तादाद में श्रद्धालु पहुंचते हैं।यहां के सदाबहार जंगल और घुमावदार पहाड़ पर्यटकों के बीच खासे प्रसिध्द हैं।  राज्‍य में कुछ खूबसूरत झरने भी है। छत्तीसगढ़ के इन्ही झरनों में से एक है अमृतधारा झरना, जिसका सैर आपको छुट्टियों के समय अवश्य करनी चाहिए। ये झरना छत्तीसगढ़ का बेहद खूबसूरत झरना है। लोगो की नजरों से दूर आज भी यह राज्य भारत में पर्यटन उद्योग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। प्राचीन स्मारकों की उपस्थिति इसे और खास बना देती है।कहा जाता है कि, झरने के पास मेले का आयोजन पहली बार वर्ष 1936 में कोरिया के राजा ने शुरू किया था। जिसके बाद से यहां हर साल मेला आयोजित होता है। वर्तमान में अमृतधारा झरना पर्यटकों और स्थानीय लोगों के बीच एक प्रसिध्द पिकनिक स्पॉट के लिए जाना जाता है। और कहा जाता है कि यहाँ का शिवलिंग का आकर स्वतः ही बढ़ रहा है ! अमृतधारा जलप्रपात से बिलासपुर मार्ग पर लगभग 50-60 किलोमीटर दूर कोटेश्वर नामक जगह है जहा प्राचीन मूर्तियाँ और मंदिर है जिसमे प्राचीन शिव मंदिर विष्णु मंदिर प्रमुख है ! बुद्ध , गणेश , दुर्गा , शिव नंदी एवं अन्य मूर्तियाँ है ! यहाँ मगर के आकार का प्राचीन शिलालेख भी है ! गाँव वालो को अभी भी खुदाई के दौरान मूर्तियाँ मिलती रहती है जिसे लाकर वो मंदिर के पास रख जाते है | यह कोरिया जिले में जिला मुख्यालय बैकुंठपुर से 40 किलोमीटर की दुरी पर स्थित है ! यहाँ का दृश्य बहुत ही मनोरम है ! बारिश में जलप्रपात वृहद् आकर ले लेता है ! जलप्रपात के  नजदीक ही कुछ रेस्ट हाउस है जो पर्यटकों के रुकने के लिए बनाया गया है




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