दूधाधारी मठ रायपुर की प्रसिद्धता में शामिल था |

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दूधाधारी मठ रायपुर की प्रसिद्धता में शामिल था और क्यों न होता। इस ऐतिहासिक मठ ने प्रारंभ से धर्म अध्यात्म के अलावा शिक्षा के क्षेत्र में बहुत सार्थक कार्य किया है जो आज भी जारी है।समयानुसार रायपुर के दर्शनीय स्थलों में बहुत कुछ जुड़ गया।पहले कोई भी बाहर से आता तो उसे दूधाधारी मठ की प्रसिद्धि बताकर ले जाया जाता।  बचपन में हमने यह कथा सुनी थी कि बलभद्र दास महंत जिनकी मंदिर में समाधि है वे आहार के रूप में सिर्फ़ दूध लिया करते थे इसलिए मंदिर का नाम दूधाधारी पड़ा।




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