राम झरना रायगढ़

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रायगढ़ जिला मुख्यालय से लगभग 18 कि.मी. की दुरी पर राम झरना है| ये एक प्राकृतिक जल का झरना है जिसका बहुत ही एतिहासिक महत्व है| भगवान राम अपने वनवास के समय एक बार यहाँ आए थे और इस झरने का जल ग्रहण किये थे, इसीलिए इसका नाम राम झरना पड़ा l

राम झरना की कुछ विशेषताए : खरसिया और रायगढ के मध्य में मांड नदी के पार सिंघनपुर आता है। सामने एक विशाल पर्वत दिखाई देता है और उसी में हैं सिंघनपुर की गुफ़ाएं जहाँ आदिम शैल चित्र हैं। जिसकी खोज एन्डरसन द्वारा 1910 ईं के लगभग की गयी थी। तथा इन्साइक्लोपिडिया ब्रिटेनिका के 13 वें अंक में रायगढ़ जिले के सिंघनपुर के शैलचित्रों का प्रकाशन पहली बार हुआ था l

राम झरना के विषय में किंवदन्ती है कि-“जब भगवान राम इधर आए तो सीता जी को प्यास लगी। सीता जी ने राम जी से कहा कि उन्हे प्यास लग रही है। तो राम जी ने इसी स्थान पर धरती में तीर मारा और जल धारा फ़ूट पड़ी सीता जी ने यहाँ अपनी प्यास बुझाई। तब से यहाँ पहाड़ी से पानी का झरना निकल रहा है।इस तरह जनमानस के आस्था के केन्द्र बना हुआ है राम झरना।

 




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