राम मंदिर रायपुर

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नायाब कारीगरी के लिए देशभर के भक्त पहुंच रहे रायपुर के 108  फीट ऊंचे राम मंदिर में, 5 साल में 15 करोड़ रुपए में राजस्थान और उड़ीसा के कारीगरों ने तराशा .।राजधानी के वीआईपी रोड स्थित राम मंदिर में राम लला की मूर्ति कोई साधारण पत्थर से नहीं बना है। दरअसल ये मूर्ति ये एक सिंगल पत्थर को तराशकर बनाई गई है। इस साइज के पत्थर को ढूंढने में डेढ़ साल लगे थे और मूर्ति बनाने में 4 महीने लगे थे। राजस्थान में मिले इस मकराना पत्थर में इस मूर्ति को तराश गया है। 105 फीट ऊंचे राम मंदिर को बनाने के लिए राजस्थान और ओडीसा के कारीगरों को बुलाया गया था। राम, सीता और हनुमान के अलावा मंदिर में 16 देवी-देवताओं की मूर्तियां भी हैं। भगवान राम और सीता जिस सिंहासन पर बैठे हैं उस गर्भगृह के चौखट को सजाने में 5 किलो गोल्ड का यूज किया गया है।अंदर और बाहर की दीवारों पर पत्थरों पर बारीक कारीगरी कर भगवान विष्णु के कई अवतार उकेरे गए हैं। राजवाड़ा आर्ट पैटर्न की कारीगरी मंदिर में देखी जा सकती है। मंदिर में फूल, कुछ रॉयल डिजाइन के साथ हिंदू देवी-देवताओं को उकेरा गया है। जिस हॉल में भगवान की मूर्ति है वहां 12 फीट का विशाल झूमर लगाया गया है।

इसकी कीमत 7 लाख से ज्यादा है। इसके अलावा मंदिर की खास बात ये भी है कि इसमें राम और सीता की मूर्ति बैठी हुई मुद्रा में है।
– मूर्ति का ये पैटर्न बहुत रेयर है। इसे एक बड़े संगमरमर को तराशकर जयपुर के कारिगरों ने बनाया है।यहां एक साथ 500 लोगों की बैठने की व्यवस्था है। मंदिर के एंट्रेंस के पास यज्ञ शाला और नवग्रह मंदिर बनाया गया है। राम, सीता और हनुमान के अलावा मंदिर में 16 देवी-देवताओं की मूर्तियां भी हैं। भगवान राम और सीता जिस सिंहासन पर बैठे हैं उस गर्भगृह के चौखट को सजाने में 5 किलो गोल्ड का यूज किया गया है।
– मंदिर कैंपस में 11 हजार से ज्यादा फूल के पौधे हैं।




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